हमारे बारे में

रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड 'मिनी रत्न (श्रेणी-I) " सार्वजनिक उपक्रम”, देश के सबसे बड़े न्यूट्रल दूरसंचार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाताओं में से एक है| रेलटेल के पास पूरे भारत में रेलवे ट्रैक के साथ ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क है| रेलटेल का ओ फ सी नेटवर्क भारत के सभी महत्वपूर्ण शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रो में उपस्थित है और देश की 70% आबादी को कवर करता है| मजबूत राष्ट्रव्यापी उपस्थिति के साथ रेलटेल अत्याधुनिक तकनीक लाने और भारतीय दूरसंचार के लिए नवीन सेवाओं की पेशकश करने के लिए प्रतिबद्ध है| रेलटेल, रेल संचालन और प्रशासन नेटवर्क प्रणाली के आधुनिकीकरण के अलावा देश के सभी भागों में राष्ट्रव्यापी ब्रॉडबैंड दूरसंचार और मल्टीमीडिया नेटवर्क प्रदान करने में भी सबसे आगे है|

अपने अखिल भारत उच्च क्षमता नेटवर्क के साथ रेलटेल विभिन्न मोर्चों पर एक ज्ञान आधारित समाज बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है| रेलटेल ने देश के 4500 शहरों, कस्बो एवं ग्रामीण क्षेत्रो को जोड़ते हुए , 45000 रूट किलोमीटर के ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का निर्माण किया है | यह नेटवर्क 10जी/2.5जी बेस्ड एस.टी.एम 64 /16 सिस्टम रिंग्स प्रणाली द्वारा समर्थित है| इसके साथ-साथ रेलटेल ने 10500 किलोमीटर डीडब्ल्यूडीएम सिस्टम 100जी/400जी क्षमता के नेटवर्क का भी निर्माण किया है जिसका अतिरिक्त 14000 रूट किलोमीटर का नेटवर्क निर्माणाधीन है और यह डीडब्ल्यूडीएम नेटवर्क देश के सभी शहरों में उपलब्ध होगा |रेलटेल के पास विभिन्न आईपी समर्थित सेवाओं को प्रदान करने के लिए 10 जी कोर क्षमता वाला एमपीएलएस नेटवर्क एनजीएन प्रणाली के साथ उपलब्ध है |

रेलटेल आईएसओ 9001: 2008 प्रमाण-पत्र के साथ लैस है और भारतीय टेलीकॉम बाजार में बहुत सारी मैनेज्ड दूरसंचार सेवाएं प्रदान करता है| इनमें सेवा प्रबंधित दूरसंचार आपरेटर, एम.एस.ओ, उद्यम, बैंक, संस्थान / विभाग, शैक्षिक संस्थान / विश्वविद्यालय आदि को लीज लाइन, टॉवर सह स्थान , एमपीएलएस आधारित आईपी वीपीएन, इंटरनेट और एनजीएन आधारित वायस कैरिज सेवाएं प्रदान करना शामिल हैं |रेलटेल एंटरप्राइज सर्विस मार्किट में भी डॉटा सेंटर , टेलेप्रेसेंस एवं रेलवायर सेवाओं के साथ बहुत ही तेज़ी से विस्तार कर रहा है |

इसके अलावा, दूरसंचार और आईसीटी के क्षेत्र में अपने समृद्ध अनुभव के आधार पर रेलटेल को विभिन्न सरकारी दूरसंचार परियोजनाओं को कार्यान्वयन करने के लिए चुना गया है| इस तरह की पहल के तहत, रेलटेल यूए.स.ओ.एफ स्कीम के अंतर्गत नेशनल नॉलेज नेटवर्क (एन.के.एन), भारत नेट (एन.ओ.एफ.एन) और नॉर्थ ईस्ट ओ.एफ.सी परियोजना में कार्य रहा है|

  • 50000+
    रूट किमी
  • 4400
    +
    पॉप
  • 24000+
    आरकेएम उच्च क्षमता डीडब्ल्यूडीएम

रेलटेल का विकास

भारतीय रेलवे शुरुआती दिनों में नियंत्रण एवं प्रशासनिक संचार सर्किट के लिए दूरसंचार विभाग पर पूरी तरह निर्भर था | इसलिये रेलवे ने 70 के दशक की शुरुवात से ही सर्किट दक्षता बढ़ाने के लिए. अपने स्वयं की संचार प्रणालियों का ओवरहेड टेलीफोन लाइनों, क्वैड केबल्स और माइक्रोवेव पर आधारित निर्माण शुरू किया |

१९८३

1983 में, रेलवे सुधार समिति ने सुरक्षा , विश्वसनीयता , उपलब्धता और उपुक्त सेवा के लिए भारतीय रेलवे में ओएफसी आधारित एक समर्पित नेटवर्क का उपयोग करने का निर्णय लिया | यह निर्णय मौजूदा माइक्रोवेव दूरसंचार प्रणालियों को प्रतिस्थापित करने और स्वतंत्र ओएफसी नेटवर्क बनाने के लिए लिया गया था|

१९८८

दिसंबर 1988 में भारतीय रेलवे ने ट्रेन संचालन और नियंत्रण के उद्देश्य के लिए , चर्चगेट से विरार (मुंबई) में जो कि 60 किलोमीटर और 28 स्टेशन वाला खंड है , में सबसे पहला ओएफसी कमीशन किया |

१९९१-९२

इसके बाद इस नेटवर्क का विस्तार मध्य भारत के 900 किलोमीटर खंड ( दुर्ग से नागपुर , नागपुर से इटारसी, इटारसी से भुसावल ) और पूर्वी भारत के 60 किलोमीटर खंड ( टाटा नगर से चक्रधरपुर) में ओ.एफ.सी कमीशन करके किया गया |

१९९४

दूरसंचार विभाग ने 1994 में अपनी पहली नेशनल टेलीकॉम पालिसी शुरू की जिसमे लाइसेंस प्रणाली के तहत निजी ऑपरेटरों को मोबाइल लाइसेंस पेश किया गया |

१९९९

हालांकि 1999 में द्वित्य नेशनल टेलीकॉम पालिसी शुरू की गई जिसमे ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे भारत में टेलीकॉम कंपनियों को नेटवर्क प्रसार करने के लिए लाइसेंस के तहत एनएलडी खंड खोला गया था |

२०००

सितम्बर 2000 में रेलटेल का गठन 1000 करोड़ रुपये की अधिकृत पूंजी के साथ भारतीय रेलवे के पूर्ण स्वमित्व वाले उपक्रम के रूप में हुआ |

२००६

रेलटेल को संचार नेटवर्क के आधुनिकीकरण के लिए और राष्ट्रीय दूरसंचार नीति 1999 के उद्देश्यों और उल्लेखनीय लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के रूप में गठित किया | यह भी निर्णय लिया गया कि रेलवे की मौजूदा दूरसंचार ओएफसी संपत्ति (लगभग 4500 रूट किलोमीटर) रेलटेल को वाणिज्यिक उपयोग के लिए हस्तांतरित की जाएगी |

हमारा लक्ष्य ज्ञान अर्थव्यवस्था के लिए सर्व-प्रधान दूरसंचार समाधान और सेवा प्रदाता बनना है |
उचत्तम टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सेवा देकर किफायती और उचत्तम संचार समाधान उपलब्ध कराने में नेतृत्व प्राप्त करना |

लक्ष्य

एक राष्ट्रव्यापी ब्रॉडबैंड दूरसंचार और मल्टीमीडिया नेटवर्क की योजना, निर्माण और विकास करना , जो देश के सभी भागों विशेष रूप से, ग्रामीण दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड और सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम मूल्य वर्धित सेवाओं को पूरक करे |

  • उचत्तम टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सेवा देकर रेलवे को उनके संचालन और सुरक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण और नेटवर्क उपलब्ध कराने में सुविधाजनक बनाना |
  • अपने टेलीकॉम नेटवर्क के वाणिज्यिक दोहन के माध्यम से राजस्व उत्पन्न करना |